इस लेख मे मै आप को हल्दीघाटी युद्ध के शहीद और बचे हुए योद्धाओं की जानकारी देने के साथ यही बताना चाहता हू की हमारी अवधारणा बनी है कि प्रताप जी का साथ राजपूतो ने नही दिया वो गलत है।ये भी सत्य है कि महाराणा जी के विरूद्ध दमदारी से जो लड़े वो राजपूत ही थे। हल्दीघाटी युद्ध में जीवित बचने वाले प्रमुख योद्धा" 1) घाणेराव के ठाकुर गोपालदास राठौड़ :- उदयपुर स्थित प्रताप गौरव केन्द्र में हल्दीघाटी युद्ध में वीरगति पाने वाले योद्धाओं की सूची में इनका नाम भी लिखा गया है, जो कि सही नहीं है | दरअसल गोपालदास राठौड़ को हल्दीघाटी युद्ध में कुल 27 घाव लगे व जीवित रहे | बाद में कुम्भलगढ़ के युद्ध में भी महाराणा प्रताप के साथ रहे | 2) कुंवर शैखासिंह :- ये महाराणा प्रताप व रानी फूल कंवर राठौड़ के पुत्र थे | 3) भामाशाह कावड़िया 4) ताराचन्द कावड़िया :- ये भामाशाह के भाई थे 5) कोशीथल की महारानी :- ये हल्दीघाटी युद्ध में भाग लेने वाली एकमात्र क्षत्राणी थीं | इनके बारे में अगले भाग में लिखा जाएगा | 6) सलूम्बर रावत कृष्णदास चुण्डावत 7) रामा सांदू (चारण कवि) - इनका नाम हल्दीघाटी युद्ध में वीरग...
ये विकास क्या बला है? विकास किसे कहेंगे.. Written by:- शुभम वर्मा पिछले १० या १५ सालों से “विकास” नाम का शब्द बार बार सुनने में आता है... हर किसी को विकसित होना है. चाहे लोग हो, समाज हो या देश. यह विकास क्या होता है ? यह कभी पता नहीं चल पाया, क्योंकि वो भी खुश नहीं जो गाँव में हैं और वो भी खुश नहीं जो शहर में हैं तथा वो भी खुश नहीं जो विदेश में हैं | फिर विकास के गीत गाकर आखिर मिला क्या , यह सोचने पर मुझे मजबूर होना पढ़ा | सोचा थोडा विकास के विषय में पढता हूँ और जानता हूँ कि विकास आखिर है क्या ? जब पढना शुरू किया तो पता चला के द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह शब्द प्रयोग किया था | जिसमे उन्होंने कहा था- “हम पश्चिम के देश मुख्यतः अमेरिका विकसित देश है और बाकी सब अविकसित या विकासशील देश हैं |” चूँकि यह देश द्वितीय विश्वयुद्ध जीते हुए देश थे तो सभी गुलाम देशों ने या गरीब देशों ने इनकी बात मान ली, तथा वहीँ से यह पैमाना तय हो गया कि विकसित होना मतलब पश्चिम और अमेरिका में जो होता है वैसा होना... और अविकसित वो लोग हैं जो अपना खुद का कुछ करते हैं. इसी से फिर व...
रोग के कीटाणु अब अपने भीतर एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधक शक्ति पैदा कर रहे है जी । कृपया ध्यान से पढ़े :- हाल ही में एक अमेरिकन स्त्री की मृत्यु एक ऐसे जीवाणु के संक्रमण से हो गयी । जिस पर अब तक ज्ञात सभी ऐंटीबायोटिक बेअसर साबित हुए । उसके अंदर मौजूद निमोनिया के जीवाणु ने एक जीन विकसित कर लिया । जिसके कारण उस पर वर्तमान एलोपैथी की सभी एंटीबीओटिक फ़ैल हो गयी । उस महिला का इलाज़ भारत में हुआ था । इस लिए उस जीवाणु की उत्पत्ति भारत से मानी गयी और इसका कारण भारत में सभी एंटीबीओटिक के अत्यधिक प्रयोग को माना गया। ये क्या हुआ इसको समझने के लिए प्रकृति के सामान्य सिद्धांत को समझ लेते हैं । जहाँ कहीं भी आहार होगा उसको पंचतत्वों (अग्नि,वायु,जल,भूमि,आकाश) में विलीन करने के लिए चारों और से माइक्रोब्स(जीवाणु) सक्रीय हो जाएंगे । और तब तक कार्य करेंगे जब तक विलीनीकरण की क्रिया सम्पूर्ण नहीं हो जाती। उदहारण के लिए यदि हम एक हंडिया में मल भरकर रख देते हैं , तो उसमें जीवाणु और कीड़े पैदा हो...
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